Uniform / वर्दी भत्ता क्या है?

वर्दी भत्ता वह भत्ता है जो उन सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है जिन्हें सेवा के दौरान विभाग द्वारा निर्धारित वर्दी धारण करना अनिवार्य होता है। यह भत्ता वर्दी खरीदने, सिलवाने और उससे संबंधित अन्य खर्चों की आंशिक भरपाई के लिए दिया जाता है।

वर्दी भत्ते की दरें सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित की जाती हैं और समय‑समय पर संशोधित की जाती हैं। बाकी दिशा‑निर्देश पूर्व के आदेशों के अनुसार यथावत लागू रहते हैं।

राजस्थान में वर्दी भत्ते की दरें (01-07-2023 से)

सामान्य प्रशासन (ग्रुप‑3) विभाग के आदेश क्रमांक प.6(2) साप्र/3/81 दिनांक 05‑09‑2023 के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023‑24 से वर्दी भत्ते की संशोधित दरें निम्नानुसार हैं।

क्र.सं. पदनाम पूर्व दर (₹) संशोधित दर (₹)
1 नर्स (नर्सिंग स्टाफ) 2250 2750
2 सचिवालय के जमादार 2250 2750
3 अन्य विभागों के जमादार 1800 2250
4 ड्राइवर 1800 2250
5 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 1650 2000
6 महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 1950 2350
7 तकनीकी कर्मचारी 1650 2000
8 पशुपालन विभाग के पशु परिचारक 2000

क्रम संख्या 8 पर अंकित पशुपालन विभाग के पशु परिचारक का पद पूर्व आदेश दिनांक 16‑06‑2015 में सम्मिलित कर नवीन रूप से जोड़ा गया है। वर्दी भत्ते के संबंध में राज्य सरकार द्वारा पूर्व में जारी अन्य दिशा‑निर्देश यथावत लागू रहेंगे, तथा यह आदेश 01‑07‑2023 से प्रभावी माने जाएँगे।

सामान्य बिंदु

  • वर्दी भत्ता केवल उन पदों पर देय है जहाँ विभागीय आदेशों के अनुसार वर्दी अनिवार्य है।
  • भत्ता सामान्यतः वार्षिक / आवधिक रूप से देय होता है तथा राशि विभागीय आदेश में निर्धारित रहती है।
  • अन्य सभी शर्तें एवं प्रक्रिया पूर्ववर्ती आदेशों के अनुसार ही रहेंगी; यह आदेश केवल दरों के पुनर्निर्धारण से संबंधित है।

यह पेज केवल सामान्य जानकारी हेतु है। किसी भी आधिकारिक दावा, बिल तैयारी या सेवा संबंधी निर्णय से पहले General Administration Department एवं Finance Department के मूल आदेशों और नवीनतम संशोधनों का अवलोकन करना आवश्यक है।